मिस्र के इख़वानुल मुस्लेमीन दल ने अपदस्त राष्ट्रपति मुहम्मद मुर्सी की शारीरिक स्थिति के प्रति चिंता व्यक्त की है। इख़वानुल मुस्लेमीन ने एक बयान जारी करके मुर्सी को गिरफ़्तार करके रखे जाने के स्थान, उनके साथ किये जाने वाले व्यवहार और उनके स्वास्थ्य के प्रति चिंता व्यक्त की है। इस बयान में कहा गया है कि इस संबन्ध में समस्त ज़िम्मेदारी सेना पर आती है। इख़वानुल मुस्लेमीन ने इसी प्रकार मुहम्मद मुर्सी की गिरफ़्तारी के बारे में संयुक्त राष्ट्रसंघ के महासचिव और पश्चिमी नेताओं के मौन की आलोचना करते हुए खेद व्यक्त किया है। उल्लेखनीय है कि मिस्र की सेना ने मुहम्मद मुर्सी को अपदस्त करने के बाद उन्हें किसी अज्ञात स्थान पर रख छोड़ा है। ज्ञात रहे कि प्रदर्शनकारियों की हत्या के लिए उकसाने के आरोप में मुहम्मद मुर्सी और इख़वानुल मुस्लेमीन के 14 सदस्यों के विरूद्ध मुक़द्दमे की दूसरी कार्यवाही आठ जनवरी को होगी।
5 जनवरी 2014 - 20:30
समाचार कोड: 493727
इख़वानुल मुस्लेमीन ने एक बयान जारी करके मुर्सी को गिरफ़्तार करके रखे जाने के स्थान, उनके साथ किये जाने वाले व्यवहार और उनके स्वास्थ्य के प्रति चिंता व्यक्त की है।